
लगातार चमकती फ्लैशलाइट्स और मीडिया के सवालों का शोर गूंज रहा था। अद्वैत ओबेरॉय ने इनाया कपूर के हाथ को अपनी ग्रिप में ले रखा था। दोनों की उंगलियों के बीच का दबाव इतना टाइट था कि वहां मौजूद कोई तीसरा इंसान उनकी आंखों में सुलगती जंग का अंदाजा भी नहीं लगा सकता था।
"शरीफ तो मैं कभी नहीं था, मिस कपूर... और रोशनी हो या अंधेरा, हम ओबेरॉय अपना शिकार करना कभी नहीं भूलते।" अद्वैत की धीमी मगर सर्द आवाज इनाया के कानों में गई।
इनाया ने अपना हाथ छुड़ाने की जरा भी कोशिश नहीं की। उसके होंठों पर वही कातिलाना और बेबाक स्माइल आई। उसने अपनी उंगलियों का दबाव अद्वैत के हाथ पर थोड़ा और बढ़ाया। उसकी नजरें सीधे अद्वैत की नजरों से मिलीं।
"शिकार करने की गलतफहमी में अक्सर शिकारी खुद जाल में फंस जाता है, मिस्टर ओबेरॉय," इनाया ने बेहद मिठास से फुसफुसाते हुए कहा और अपना हाथ खींच लिया।
मीडिया के कैमरों ने उस पल को कैद कर लिया। दुनिया के लिए वे मुंबई के दो सबसे बड़े कॉर्पोरेट टाइटन्स थे, जो मिलकर अरबों की डील साइन करने वाले थे; लेकिन उस मुस्कान के पीछे दो खतरनाक शिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपनी चालें चल दी थीं।
इनाया अपनी बड़ी बहन निहारिका और अपनी सेक्रेटरी ताशी के साथ स्टेज के दूसरी तरफ बढ़ गई। अद्वैत स्टेज के एक कोने में खड़ा था। उसकी नजरें इनाया की पीठ पर थीं। इनाया की चाल में एक अजीब-सा कॉन्फिडेंस था, जो अद्वैत के दिमाग में उथल-पुथल मचा रहा था।
तभी अद्वैत के कान में लगे मिनी इयरपीस पर समर की अलर्ट आवाज आई, "अद्वैत, 12वें FLOOR के VIP लाउंज में मिस्टर जयवर्धन आपका इंतजार कर रहे हैं। उनका मूड काफी खराब है।"
अद्वैत के चेहरे का रंग सर्द हो गया। वह बिना किसी से कुछ कहे VIP एलिवेटर की तरफ बढ़ गया।
होटल के 12वें फ्लोर का लाउंज पूरी तरह सुनसान था। बाहर मुंबई के आसमान पर काले बादल मंडरा रहे थे। कमरे के बीचों-बीच एक बुजुर्ग, लेकिन बेहद रोबदार इंसान खड़ा था—जयवर्धन ओबेरॉय। ब्रांडेड व्हाइट सूट, हाथ में विंटेज स्टिक लिए जयवर्धन के चेहरे पर एक घमंड था।
अद्वैत को अंदर आते देख उनके होंठों पर एक तिरछी मुस्कान आ गई।
"नीचे मीडिया के सामने बहुत अच्छा नाटक किया तुमने, अद्वैत!" जयवर्धन की आवाज में नफरत घुली हुई थी। "लेकिन मुझे लगा था कि तुम ओबेरॉय एम्पायर को संभाल रहे हो... न कि किसी कपूर खानदान की लड़की के इशारों पर नाच रहे हो!"
अद्वैत अपनी पॉकेट में हाथ डाले जयवर्धन के सामने आकर रुका।
"मेरे कामों में अपनी टांग अड़ाने की कोशिश मत कीजिएगा, मिस्टर जयवर्धन।" अद्वैत की आवाज इतनी सर्द थी कि कमरे की हवा भारी हो गई। "आप रिटायर हो चुके हैं। इस एम्पायर को कौन चलाएगा और कौन इसे बर्बाद करेगा, यह तय करने का हक सिर्फ मेरा है।"
जयवर्धन ने अपनी स्टिक फर्श पर जोर से पटकी। "अपनी औकात मत भूलो! यह एम्पायर मेरा बनाया हुआ है!" उनकी आंखें गुस्से से लाल हो गईं। "जोरावर भान ने इनाया के बाप को घुटनों पर लाकर सुसाइड करने पर मजबूर किया था। वह लड़की जोरावर से बदला लेने के लिए अंडरग्राउंड दुनिया का इस्तेमाल कर रही है। अगर तुम उसके चक्कर में पड़े, तो जोरावर हमारे एम्पायर की धज्जियां उड़ा देगा!"
अद्वैत की काली आंखों में अचानक एक ऐसा डरावना अंधेरा छाया कि जयवर्धन की सांस रुक-सी गई। अद्वैत के दिमाग में सालों पुराना एक फ्लैशबैक चमका—अंधेरा कमरा, मां की दर्दनाक चीखें और जयवर्धन का क्रूर चेहरा। अद्वैत के अंदर का छिपा दानव एक पल के लिए जाग उठा।
अद्वैत ने एक ही झटके में जयवर्धन का कॉलर अपनी पकड़ में ले लिया। उसने जयवर्धन को खींचकर दीवार से सटा दिया।
"इस एम्पायर को आपने अपने काले कारनामों से बहुत पहले बेच दिया था," अद्वैत ने उनके कान के पास झुककर कहा। "इनाया कपूर मेरी पहुंच में है या मैं उसकी, यह मेरा मैटर है। अगर अगली बार आपने मेरे खेल के बीच में कदम रखा, तो इस खानदान की अगली लाश आपकी होगी!"
अद्वैत ने उन्हें पीछे की तरफ धक्का दिया और बिना पीछे देखे लाउंज से बाहर निकल गया। जयवर्धन खौफ से कांपते हुए अपनी सांसें संभालते रह गए।
उधर बांद्रा के एक सीक्रेट पेंटहाउस के डार्क वॉर रूम में सन्नाटा पसरा था। कमरे में सिर्फ ब्लू और ग्रीन कंप्यूटर स्क्रीन्स की रोशनी दिखाई दे रही थी।
इनाया सोफे पर बैठी थी। उसने अपनी बिजनेस जैकेट उतारकर फेंक दी थी। अंदर पहनी ब्लैक सिल्क कैमीसोल टॉप में उसकी गोरी स्किन और गले की पतली चेन चमक रही थी। ताशी की उंगलियां कीबोर्ड पर तूफानी रफ्तार से चल रही थीं।
"इनाया, जोरावर भान ने अपनी अगली चाल चल दी है," ताशी ने स्क्रीन पर एक रेड सिग्नल दिखाते हुए कहा। "वेयरहाउस में अपने आदमियों के मारे जाने के बाद उसने एक बहुत बड़ा फाइनेंशियल और लीगल ट्रैप बिछाया है।"
इनाया ने अपने ग्लास से ह्विस्की की एक सिप ली और आगे झुकी, "किस तरह का ट्रैप?"
"जोरावर ने मुंबई कोर्ट के उस सीक्रेट एन्क्रिप्टेड टेंडर को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर कपूर इंडस्ट्री और ओबेरॉय ग्रुप दोनों की नजरें थीं। अगर यह टेंडर हाथ से गया, तो हमारे एम्पायर को 500 करोड़ का सीधा लीगल नोटिस जाएगा और ओबेरॉय ग्रुप के शेयर गिर जाएंगे।"
इनाया के होंठों पर तिरछी मुस्कराहट आ गई। "जोरावर को लगता है कि वह बिजनेस के मोहरे फेंककर मुझे रोक लेगा! उस डेटा फाइल का क्या हुआ, ताशी, जिसके पीछे मेरे डैड अपनी जान गंवा बैठे?"
"वह फाइल जोरावर के डिजिटल लॉकर में है। लेकिन उसे एक्सेस करने की एन्क्रिप्टेड हार्ड ड्राइव सिर्फ एक जगह है..." ताशी ने मुड़कर इनाया की आंखों में देखा। "आज रात समुद्र के बीचों-बीच होने वाली 'द रॉयल अरेबियन यॉट पार्टी'! जोरावर का राइट हैंड, विक्रम मल्होत्रा, वह हार्ड ड्राइव लेकर वहां पहुंच रहा है।"
इनाया सोफे से खड़ी हुई। उसकी आंखों में एक खतरनाक आग जल रही थी। "तो फिर आज रात उसी यॉट पर जोरावर के खेल का अंत होगा... और अद्वैत ओबेरॉय को भी समझ आएगा कि असली शिकार करना किसे कहते हैं!"
रात के 10:00 बजे। गेटवे ऑफ इंडिया से दूर समुद्र के सीने पर तैरता हुआ एक आलीशान, तीन मंजिला, जगमगाता यॉट—'द मरीन मैजेस्टी'! यॉट पर मुंबई की हाई सोसाइटी, अंडरग्राउंड माफिया, बड़े पॉलिटिशियंस और बिलियनेयर्स मौजूद थे।
यॉट के अपर डेक पर अद्वैत ओबेरॉय खड़ा था। ब्लैक कस्टमाइज्ड टक्सीडो, अनबटन व्हाइट शर्ट और हाथ में ह्विस्की का ग्लास।
तभी सीढ़ियों से इनाया कपूर ऊपर आई। इनाया ने डार्क एमराल्ड ग्रीन कलर की बैकलेस सिल्क गाउन पहनी थी, जिसमें एक तरफ थाई तक एक बोल्ड कट था। खुले बाल, वाइन रेड लिप्स और बेबाक एटीट्यूड!
इनाया सीधे अद्वैत की तरफ बढ़ी। अद्वैत की नजरों में एक गहरा नशा-सा था। इनाया अद्वैत के इतने करीब आकर खड़ी हो गई कि उसकी परफ्यूम अद्वैत की सांसों में घुलने लगी।
इनाया ने अद्वैत के कॉलर को अपनी उंगलियों से छुआ। अद्वैत का हाथ झटके से आगे बढ़ा और उसने इनाया की खुली कमर पर अपना हाथ रख दिया। अद्वैत की पकड़ इनाया की बेयर स्किन पर थी और उसने इनाया को खींचकर अपने सीने से पूरी तरह से सटा लिया।
इनाया की सांस एक पल को रुकी, लेकिन उसने अद्वैत की आंखों में अपनी आंखें डालीं।
"तुम यहां क्या कर रही हो, वेनम?" अद्वैत के होंठ इनाया की गर्दन को छू रहे थे।
"यह यॉट जोरावर के भेड़ियों से भरा है। तुम्हें क्या लगा, सिर्फ तुम शिकार करने आए हो?" उसने अद्वैत की चेस्ट पर अपना हाथ रखा और उसकी शर्ट के बटन के पास अपनी उंगलियां फेरीं। "विक्रम मल्होत्रा VIP लाउंज में बैठा है, मैं वह डेटा लेने आई हूं।"
अद्वैत की पकड़ उसकी कमर पर और कस गई। वह इनाया के गले के पास झुका। उसकी गर्म सांसें इनाया की स्किन पर पड़ रही थीं। "वह हार्ड ड्राइव तुम्हारे हाथ नहीं आएगी, इनाया। अगर बीच में आने की कोशिश की, तो इस यॉट पर सबके सामने तुम्हें अपनी बाहों में ऐसा पकडूंगा कि बाहर निकलने का रास्ता भूल जाओगी!"
इनाया अद्वैत के करीब आ गई। उसके होंठ अद्वैत के होंठों को लगभग छूने वाले थे। "मुझे धमकाने की भूल मत करना, फैंटम," इनाया ने फुसफुसाते हुए कहा। "ट्राई करके देख लो! अगर तुम्हारी बाहों में फंसने की कीमत इतनी खराब है, तो मुझे भी देखना है..."
तभी पीछे से एक आवाज आई, "अरे वाह! ओबेरॉय और कपूर एम्पायर का यह नजारा देखकर तो मजा ही आ गया!"
विक्रम मल्होत्रा—जोरावर का सबसे शातिर आदमी—हाथ में ग्लास लिए, दो बॉडीगार्ड्स के साथ बाहर आया।
अद्वैत ने इनाया की कमर से हाथ नहीं हटाया। उसने इनाया को अपनी बॉडी से सटाकर रखा, जैसे जता रहा हो कि उस पर सिर्फ उसका हक है।
"अपनी बकवास बंद करो, मल्होत्रा!" अद्वैत की आवाज में ऐसा रोब था कि विक्रम का चेहरा उतर गया।
विक्रम ने अपने कोट के अंदर से एक ब्लैक एन्क्रिप्टेड फोल्डर निकाला। "इस फोल्डर में मुंबई पोर्ट की वह डील है जो कल नीलाम होने वाली है। अगर ओबेरॉय ग्रुप ने जोरावर भाई को 40% पार्टनरशिप नहीं दी, तो यह डेटा मीडिया के पास जाएगा और दोनों एम्पायर रोड पर आ जाएंगे!" विक्रम हंसने लगा।
इनाया अद्वैत से थोड़ी दूर हटकर विक्रम की तरफ गई। इनाया ने अपने क्लच से एक छोटा-सा डिजिटल टैबलेट निकाला और विक्रम के मुंह के सामने कर दिया। स्क्रीन पर विक्रम के फॉरेन बैंक अकाउंट्स और जोरावर के खिलाफ किए गए ₹2,00,00,00,000 के फ्रॉड का पूरा लाइव डेटा चल रहा था।
विक्रम के हाथ से ग्लास छूटकर नीचे गिर गया।
"तुम्हें क्या लगा, मल्होत्रा, तुम हमसे खेलोगे?" इनाया मुस्कुराई। "अगर यह एक क्लिक जोरावर को गया, तो वह तुम्हारी चमड़ी उधेड़ देगा!"
विक्रम के माथे पर पसीना आने लगा।
तभी अद्वैत आगे आया। उसने बिना एक शब्द बोले विक्रम के हाथ से वह एन्क्रिप्टेड फोल्डर छीना और विक्रम की गर्दन को पीछे से पकड़कर उसे यॉट की रेलिंग पर आधे से ज्यादा बाहर लटका दिया।
"अद्वैत, छोड़ो मुझे! मार डालोगे क्या?" विक्रम चीखने लगा।
"जोरावर को मेरा मैसेज देना कि ओबेरॉय और कपूर एम्पायर से खेलने की कीमत सिर्फ मौत होती है!" अद्वैत ने उसे झटके से फर्श पर फेंका। विक्रम अपने आदमियों के साथ वहां से भाग निकला।
अद्वैत ने फोल्डर से एन्क्रिप्टेड हार्ड ड्राइव निकाली। इनाया उसके पास आई। "डेटा हैक अच्छा था, वेनम..."
अद्वैत ने उसकी कमर में हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींचा, "और तुम्हारा लटकाने का तरीका काफी अग्रेसिव था, फैंटम!" इनाया ने उसकी कॉलर को पकड़ते हुए कहा। दोनों के बीच वह खिंचाव फिर से दिख रहा था।
"यह हार्ड ड्राइव अब मेरे पास है," अद्वैत ने कहा।
"और इसे अनलॉक करने का बायोमेट्रिक पासवर्ड सिर्फ मेरे पास है, फैंटम!" इनाया ने उसके होंठों के बेहद नजदीक आकर फुसफुसाया।
दोनों की नजरें एक-दूसरे से उलझी हुई थीं।
तभी अचानक पूरे यॉट की रेड इमरजेंसी लाइट ऑन हो गई और एक अलार्म सायरन बजने लगा। अद्वैत के इयरपीस पर समर की आवाज आई, "अद्वैत, यॉट के नीचे इंजन रूम में जोरावर के आदमियों ने टाइम बम फिक्स कर दिया था! टाइमर सिर्फ 10 सेकंड का बचा है! तुरंत समुद्र में कूद..."
एक खौफनाक और जोरदार धमाके से पूरा यॉट दहल उठा। धमाके के झटके से यॉट बुरी तरह से एक तरफ झुका। यॉट का पिछला हिस्सा तेजी से समंदर में डूब रहा था।
अद्वैत ने अपनी गन निकाली और एक ही छलांग में हवा में हाथ बढ़ाकर इनाया की कलाई पकड़ ली। इनाया यॉट के टूटे हुए हिस्से से बाहर हवा में लटकी हुई थी। अद्वैत की एक टांग लोहे की रेलिंग में फंसी थी।
अद्वैत ने इनाया की आंखों में देखा; उसकी आंखों में कोई डर नहीं था, सिर्फ अद्वैत पर एक अजीब-सा भरोसा था।
"पकड़े रहना, वेनम!" अद्वैत चिल्लाया।
तभी समंदर के अंधेरे में आग की रोशनी के बीच तीन ब्लैक हाई-स्पीड बोट्स यॉट की तरफ तेजी से बढ़ती दिखीं। उन बोट्स पर स्नाइपर्स थे। उनका निशाना सीधे अद्वैत के सीने पर लेजर लाइट से टिका था।
अद्वैत की चेस्ट पर लाल लेजर लाइट चमक रही थी, हाथ में लटकी हुई इनाया थी और पीछे यॉट में दूसरा धमाका होने ही वाला था...
That's it for today guy's....💋💋💋💋💋
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